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संतमत और बेदमत एक है, कैसे? अवश्य जाने

     प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज ने यह सिद्ध कर दिया है कि संतमत और वेदमत में एक ही ज्ञान है। इस विषय का प्रमाण 'सत्संग योग' नामक पुस्तक है । उपर्युक्त पुस्तक  को पढ़ने से सिद्ध हो जाता है कि सभी पहुंचे हुए संत की वाणी और वेद का ज्ञान एक ही है।

संतवाणी अध्ययनरत गुरुदेव
संतवाणी अध्ययनरत गुरुदेव
    


 नारायण !  जिन लोगों को इस विषय में शंका है। उनसे निवेदन है कि वह गुरु महाराज लिखित उपर्युक्त पुस्तक (सत्संग योग) महर्षि मेंही आश्रम, कुप्पाघाट, भागलपुर-3 (बिहार) से मंगवाएं और पढ़ें। इसके साथ ही निम्नोक्त लेख पढ़ें-

सांप्रदायिक एकता पर लेख
सांप्रदायिक एकता पर लेख

      नारायण !   इस लेख को पढ़कर आप समझ गए होंगे की संतमत और वेद मत एक ही है। केवल कहना और उसके बारे मेें संपूर्ण  ज्ञान नहीं रखना और कुछ कहना अपनी अल्पज्ञता दर्शाना है। इस लेख के बाकी भाग को भी पढ़ें और कुछ सूक्ति वचन भी है उसे भी पढ़ ले।

सांप्रदायिक एकता पर लेख
सांप्रदायिक एकता पर लेख

     उपर्युक्त लेख को पढ़ने में जिन महानुभावों को परेशानी या कष्ट होता है तो उनसे निवेदन है कि वह हमारे इस वीडियो को देखें जिसमें उनको पढ़ने की आवश्यकता नहीं रहेगी और वे सारे बात आसानी से समझ जाएंगे-


     उपर्युक्त लेख और वीडियो को देख, पढ़कर आप समझ गए होंगे कि संतमत और वेदमत एक ही है। आपस में लड़ाई झगड़ा करना और संप्रदायिकता फैलाना अच्छी बात नहीं है। फिर मिलेंगे दूसरे प्रवचन या लेख में । तब तक के लिए जय गुरु महाराज।
संतमत और बेदमत एक है, कैसे? अवश्य जाने संतमत और बेदमत एक है, कैसे? अवश्य जाने Reviewed by सत्संग ध्यान on 12/06/2017 Rating: 5

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