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S101,ध्यान योग में सिमरन का महत्व-गुरु महाराज का प्रवचन

     प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए! आज जानते हैं-ध्यान योग में नाम भजन क्या है? नाम भजन कितने तरह का होता है? नाम भजन कैसे करना चाहिए़? नाम भजन करने के क्या-क्या तरीके हैं? ध्यान योग और नाम भजन में  क्या मेल है? इस विषय पर सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज का बहुत ही अच्छा प्रवचन है आइए, आज उसी को हमलोग सुने-

ध्यान योग करते गुरुदेव
ध्यान योग करते गुरुदेव


   प्रभु प्रेमियों! सत्संग की अन्य बातों की जानकारी देते हुए गुरु महाराज कहते हैंं-सुमिरन का क्या अर्थ है? क्या होता है सिमरन ? सिमरन के बारे मेें या नाम भजन के बारे में कबीर साहब ने क्या कहा है? तो आइए जानते हैं गुरु महाराज से

ध्यान योग पर प्रवचन
ध्यान योग पर प्रवचन

     जप-ध्यान की महिमा कहते हुए गुरु महाराज एक कथा के द्वारा समझाते हैं कि ईश्वर भक्ति से कैसे सारे सुख अपना हो जाता है और जो सांसारिक चीजों को पकड़ता है। वह कैसे बराबर दुखी रहता है -

ध्यान योग प्रवचन
ध्यान योग प्रवचन

     जिन लोगों को उपर्युक्त चित्रों से गुरु महाराज का प्रवचन पढ़ने में कठिनाई या दिक्कत होती है उन से निवेदन है । वह हमारा निम्नोक्त वीडियो देखें, सुनें-  जय गुरूदेव।



     प्रभु प्रेमियों ! हम आशा करते हैं कि आप समझ गए होंगे कि सिमरन क्या है ? उसके क्या महत्व हैं ? उसे कैसे करना चाहिए ? उसके कितने भेद हैं ? ध्यान योग में सुमिरन का क्या महत्व है? सुमिरन करना और नाम भजन एक ही बात है। इन्हीं शब्दों के साथ फिर मिलते हैं गुरु महाराज के दूसरे प्रवचन में। तब तक के लिए जय गुरु महाराज!
S101,ध्यान योग में सिमरन का महत्व-गुरु महाराज का प्रवचन S101,ध्यान योग में सिमरन का महत्व-गुरु महाराज का प्रवचन Reviewed by सत्संग ध्यान on 12/06/2017 Rating: 5

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