Ad1

S349, दृष्टि योग की महिमा "मैंने प्रकाश तो जरूर देखा है -सद्गुरु महर्षि मेंंहीं

प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के हिंदी प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर S349, इसमें  बताया गया है कि दृष्टियोग से प्रकाश झलकता है एवं दुनिया की सभी चीजों को देखने की शक्तियां प्राप्त हो जाती है। लेकिन इसको निगुरे आदमी नहीं समझ सकता। जो गुरु के आदेश से युक्तिपूर्वक ध्यानाभ्यास करता है। उसको  दृष्टियोग में नूर झलकता है। इसका यत्न गुरु लोग जानते हैं । इसलिए गुरु की सेवा करके इसका यत्न प्राप्त करें, साथ ही  ईश्वर-भक्ति का सही तरीका क्या है? इस प्रवचन को पूरे मनोयोग से पढ़ें और अच्छी तरह से समझें-

प्रवचन चित्र 1
प्रवचन चित्र एक


प्रवचन चित्र दो
प्रवचन चित्र दो

प्रवचन समाप्त
प्रवचन समाप्त

     प्रभु प्रेमियों ! आप लोगों ने गुरु महाराज के प्रवचन का पाठ करके जाना कि ध्यान योग में कितनी शक्ति है । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका है तो आप हमें कमेंट करें।


S349, दृष्टि योग की महिमा "मैंने प्रकाश तो जरूर देखा है -सद्गुरु महर्षि मेंंहीं S349, दृष्टि योग की महिमा "मैंने प्रकाश तो जरूर देखा है -सद्गुरु महर्षि मेंंहीं Reviewed by सत्संग ध्यान on 4/08/2018 Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

प्रभु प्रेमियों! कृपया वही टिप्पणी करें जो सत्संग ध्यान कर रहे हो और उसमें कुछ जानकारी चाहते हो अन्यथा जवाब नहीं दिया जाएगा।

संतमत और बेदमत एक है, कैसे? अवश्य जाने

     प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज ने यह सि...

Ad

Blogger द्वारा संचालित.