Ad1

Ad2

S493, गुरु भक्ति से ही संसार के सारे दुखों से मुक्ति -महर्षि मेंहीं

प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर 493, इसमें  बताया गया है कि गुरु भक्ति से ही संसार के सारे दुखों से मुक्ति हो सकती है, दूसरा कोई उपाय नहीं है। यह बात सभी संप्रदाय के साधु,महात्मा एवं संतों को स्वीकार है । गुरु भक्ति के विरोध में कुछ कहना अनुचित है

शांति संदेश
शांति संदेश


प्रवचन चित्र
प्रवचन चित्र

प्रवचन चित्र दो
प्रवचन चित्र दो

प्रवचन समाप्त
प्रवचन समाप्त

     प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के इस प्रवचन का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि  गुरु भक्ति से ही संसार के सारे दुखों से मुक्ति हो सकती है, दूसरा कोई उपाय नहीं है।  इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का संका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी।


S493, गुरु भक्ति से ही संसार के सारे दुखों से मुक्ति -महर्षि मेंहीं S493, गुरु भक्ति से ही संसार के सारे दुखों से मुक्ति  -महर्षि मेंहीं Reviewed by सत्संग ध्यान on 7/09/2018 Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

प्रभु प्रेमियों! कृपया वही टिप्पणी करें जो सत्संग ध्यान कर रहे हो और उसमें कुछ जानकारी चाहते हो अन्यथा जवाब नहीं दिया जाएगा।

Ad

Blogger द्वारा संचालित.