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S233, भगवान अवश्य है। कहां हैं? कैसे मिलेंगे? पूरी जानकारी। -महर्षि मेंहीं

महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर / S233

     प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर S233, वां  इसमें  बताया गया है कि  भगवान अवश्य होते हैं? इसका पता चल गया है, इसकी पूरी जानकारी है। इसके लिए इस प्रवचन का पूरा पाठ करें। जो  निम्न  टेक्स्ट चित्रों में दिया गया है-

प्रवचन चित्र एक
प्रवचन चित्र एक

भगवान अवश्य है। कहां हैं? कैसे मिलेंगे? 

     हमारे धर्म शास्त्रों से लेकर आधुनिक युग के संत महात्माओं के द्वारा सुनने समझने से यह अवश्य पता लग गया है कि ईश्वर हैं और वे निर्गुण और सगुण दोनों रूपों में देखे जाते हैं, पहचाने जाते हैं ।सगुन रूप सबके लिए सुलभ है, पर निर्गुण स्वरुप का दर्शन करने के लिए योग साधना करनी पड़ती है। 

प्रवचन चित्र दो
प्रवचन चित्र दो
     ईश्वर को प्राप्त करना सबसे आसान काम है और सबसे कठिन भी । आसान इसलिए है कि हम जहां हैं वहीं बैठ कर गुरू के बताएं युक्ति द्वारा साधन करके परमात्मा को प्राप्त कर सकते हैं। कठिन इसलिए है कि जिसको इसमें मन नहीं लगता है, वह इसे कर नहीं पाता है। नहीं कर सकने के कारण उसे बहुत कठिन जान पड़ता है।

प्रवचन समाप्त
प्रवचन समाप्त

     प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के इस प्रवचन का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि  भगवान अवश्य होते हैं? इसका पता चल गया है, इसकी पूरी जानकारी । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी।

S233, भगवान अवश्य है। कहां हैं? कैसे मिलेंगे? पूरी जानकारी। -महर्षि मेंहीं S233, भगवान अवश्य है। कहां हैं? कैसे मिलेंगे? पूरी जानकारी। -महर्षि मेंहीं Reviewed by सत्संग ध्यान on 8/07/2018 Rating: 5

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