प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के हिंदी प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर S398, इसमें संतो की आज्ञा के अनुसार रहने का उपदेश दिया है । अतः सभी सत्संगियों को चाहिए कि संतों की क्या आज्ञा है उसको अवश्य जाने ? यह प्रवचन महर्षि मेंहीं अनुभव प्रकाश के प्रवचन नंबर दो में प्रकाशित है। आइए सबसे पहले गुरु महाराज का दर्शन करें-
भक्तों के साथ गुरुदेव |
प्रवचन चित्र |
प्रवचन चित्र समाप्त |
प्रभु प्रेमियों ! आप लोगों ने गुरु महाराज के प्रवचन पढा । इसी प्रवचन का पाठ निम्न वीडियो में किया गया है ।इसे भी सुन सकते हैं । इतनी जानकारी के बाद भी अगर गुरु महाराज की और आज्ञाओं को आप पढ़ना चाहते है , तो कॉमेंट करें और इस चैनल के सदस्य बनें। जिससे कि और कोई प्रवचन लोड होने पर आपको इसकी सूचना निशुल्क आपको मिलता रहे और आप गुरु महाराज के ज्ञान धान से जुड़कर अपना कल्याण बना सके।
S398, संतों की आज्ञा के अनुकूल रहें। सद्गुरु महर्षि मेंहीं
Reviewed by सत्संग ध्यान
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3/06/2018
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