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S90, (B) परमात्मा से प्रेम कैसे करे? संसार में कैसे रहे? सद्गुरु महर्षि मेँहीँ उपदेशामृत

प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के हिंदी प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर S90, इसमें  बताया गया है कि "प्रभु व्यापक सर्वत्र समाना । प्रेम से प्रगट होहीं मैं जाना । " .रामचरितमानस में भगवान शंकर के वचन है  । परमात्मा से प्रेम कैसे करें? हमलोंग संसार मे रहते हुए भी परमात्मा से प्रेम कैसे करें? Sansar में कैसे रहे? सद्गुरु महर्षि मेँहीँ उपदेशामृत। इस प्रवचन के पहले भाग को पढ़ने के लिए।          यहां दबाएं।

शांति संदेश कबर
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प्रवचन चित्र 4
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प्रवचन समाप्त
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     प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के इस प्रवचन का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि "प्रभु व्यापक सर्वत्र समाना । प्रेम से प्रगट होहीं मैं जाना । " .रामचरितमानस में भगवान शंकर के वचन है  । परमात्मा से प्रेम कैसे करें? हमलोंग संसार मे रहते हुए भी परमात्मा से प्रेम कैसे करें?  । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का संका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी।



S90, (B) परमात्मा से प्रेम कैसे करे? संसार में कैसे रहे? सद्गुरु महर्षि मेँहीँ उपदेशामृत S90, (B) परमात्मा से प्रेम कैसे करे? संसार में कैसे रहे? सद्गुरु महर्षि मेँहीँ उपदेशामृत Reviewed by सत्संग ध्यान on 7/14/2018 Rating: 5

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