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S346, प्रणाम करने के गुप्त भेद--सद्गुरु महर्षि मेंही प्रवचन//सत्संग ध्यान

प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के हिंदी प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर S346,  इसमें  बताया गया है कि प्रणाम करने के गुप्त भेद के बारे में बताया गया है, साथ ही यह भी बताया गया है कि "ईश्वर भक्ति करने के लिए ईश्वर को प्रणाम करना जरूरी है। प्रणाम कैसे करें ? वह गुप्त भेद क्या है?  जिसे- ईश्वर को प्रणाम करने के लिए प्रयोग किया जाता है। भक्ति करने के लिए ईश्वर का स्वरूप जाने । योग गुरु की सेवा-भक्ति चाहिए

शांति संदेश कबर
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प्रवचन चित्र
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प्रवचन समाप्ति चित्र
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     प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के इस प्रवचन का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि   प्रणाम करने के गुप्त भेद के बारे में  । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का संका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी।


S346, प्रणाम करने के गुप्त भेद--सद्गुरु महर्षि मेंही प्रवचन//सत्संग ध्यान S346, प्रणाम करने के गुप्त भेद--सद्गुरु महर्षि मेंही प्रवचन//सत्संग ध्यान Reviewed by सत्संग ध्यान on 7/05/2018 Rating: 5

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