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S116, कर्म की बिशेषता, अजातशत्रु और भगवान बुद्ध की बातें -महर्षि मेंहीं

महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" / 116

      प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर 116 वां,इसमें बताया गया है कि कर्म की बिशेषता, अजातशत्रु और भगवान बुद्ध की बातें

प्रवचन चित्र 1
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कर्म की बिशेषता

       गुरु महाराज के उपदेशों का पाठ करके सारी बातों का खुलासा हो जाएगा। 

प्रवचन चित्र 2
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प्रवचन चित्र 3
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प्रवचन चित्र समाप्त
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     प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के इस प्रवचन का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि कर्म की बिशेषता, अजातशत्रु और भगवान बुद्ध की बातें । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी।


S116, कर्म की बिशेषता, अजातशत्रु और भगवान बुद्ध की बातें -महर्षि मेंहीं S116, कर्म की बिशेषता, अजातशत्रु और भगवान बुद्ध की बातें -महर्षि मेंहीं Reviewed by सत्संग ध्यान on 8/21/2018 Rating: 5

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