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S25, What is the difference between a believer and an atheist? Who will get freedom -महर्षि मेंहीं

महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" /25

      प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर 25 वां, भारत देश के, बिहार राज्य के कटिहार जिलांतर्गत संतमत सत्संग मंदिर, मनिहारी में सत्संग कार्यक्रम में दिनांक- 25-10-1952 ई. को  प्रात: काल में हुआ था। --पूज्यपाद स्वामी श्री संतसेवी जी महाराज   ।
इस संतमत प्रवचन में आप जानेंगे--संत कबीर साहब की वाणी,कबीर अमृतवाणी,कबीर की वाणी,कबीर अमृतवाणी हिंदी,लोका मति का भोरा रे,मुक्ति कैसे होगी,मोक्ष प्राप्ति के साधन,कर्ज उतारने का आसान तरीका,मुक्ति क्या है,मोक्ष क्या है,मुक्ति कहानी,मोक्ष की प्राप्ति,मोक्ष की परिभाषा,बहुदेव उपासक, बहुदेव उपासक नास्तिक होते हैं,नास्तिक कौन-कौन हैं,एक ईश्वर की उपासना,ईश्वर उपासना आवश्यक क्यों,वेद में ईश्वर की उपासना,कौन है नास्तिक, नास्तिक लोग,नास्तिक विचारधारा,विश्व का सबसे बड़ा नास्तिक,सर्वाधिक नास्तिक कौन,, आदि के बारे में

S25, What is the difference between a believer and an atheist? Who will get freedom -महर्षि मेंहीं। कबीर बानी पर प्रवचन करते गुरुदेव
कबीर वाणी पर प्रवचन करते गुरुदेव



What is the difference between a believer and an atheist? Who will get freedom

संत कबीर साहब की वाणी- "लोका मति का भोरा रे।..." पर आधारित सदगुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज का यह प्रवचन है। इसमें बताया गया है कि  मुक्ति कैसे होगी? मुक्ति क्या है? पहले इसको समझो, तब मुक्ति के उपाय के बारे में सही जानकारी होगी। बहुदेव उपासक को ईश्वर का सही ज्ञान नहीं होता। एक ईश्वर का उपासना नहीं कर के बहुत से देवों की उपासना करना एक प्रकार की नास्तिकता है। नास्तिक कौन-कौन हैं। बहुदेव उपासकों की गति, मुक्ति प्राप्त करने का सही रास्ता क्या है? केवल सेवा भाव से ही काम चलने वाला नहीं। ईश्वर के सही स्वरुप को जानो। संसार की संभाल करते हुए संसार के पार में देखने जरूरी है। । इन बातों को बिशेष रूप से जानने के लिए इस प्रवचन को पूरा पढें-

S25, What is the difference between a believer and an atheist? Who will get freedom -महर्षि मेंहीं। आस्तिक और नास्तिक कबीर बाणी भाग 1
आस्तिक और नास्तिक कबीर वाणी भाग 1

S25, What is the difference between a believer and an atheist? Who will get freedom -महर्षि मेंहीं। आस्तिक और नास्तिक कबीर वाणी भाग 2
आस्तिक और नास्तिक कबीर वाणी भाग 2

S25, What is the difference between a believer and an atheist? Who will get freedom -महर्षि मेंहीं। आस्तिक और नास्तिक कबीर वाणी भाग 3
आस्तिक और नास्तिक कबीर वाणी भाग 3

S25, What is the difference between a believer and an atheist? Who will get freedom -महर्षि मेंहीं। आस्तिक और नास्तिक कबीर वाणी प्रवचन समाप्त
आस्तिक और नास्तिक कबीर वाणी प्रवचन समाप्त

प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के इस प्रवचन का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि विदेह मुक्ति और प्रारब्ध कर्म,प्रारब्ध क्या है और अपना भाग्य कैसे बदलना है,ध्यान के द्वारा कर्म से निपटने का रहस्य,प्रारब्ध किसे कहते है,प्रारब्ध और पुरुषार्थ,प्रारब्ध का मतलब,प्रारब्ध का अर्थ क्या है,DivyaDrishti आदि बारे में। इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का संका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का  सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। उपर्युक्त प्रवचन का पाठ निम्न वीडियो में किया गया है।




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जय गुरु।

S25, What is the difference between a believer and an atheist? Who will get freedom -महर्षि मेंहीं S25, What is the difference between a believer and an atheist? Who will get freedom -महर्षि मेंहीं Reviewed by सत्संग ध्यान on 8/22/2018 Rating: 5

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