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S266, महर्षि मेंहीं pravachan/तीसरा तिल,शिव नेत्र या दिव्य चक्षु का रास्ता कौन बतावेगा

महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" / 266

       प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर 266 वां,इसमें बताया गया है कि तीसरा तिल,शिव नेत्र या दिव्य चक्षु का रास्ता कौन बतावेगा

मध्य में विराजित गुरुदेव
मध्य में विराजित गुरुदेव 




तीसरा तिल,शिव नेत्र या दिव्य चक्षु 


      Santmat Vichar के विना तीसरा तिल,शिव नेत्र या दिव्य चक्षु का रास्ता कौन बतावेगा ? विशेष जानकारी के लिए इस प्रवचन को पूरा पढें

गुरुदेव प्रवचन 266 क
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गुरुदेव प्रवचन 286 ख
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गुरुदेव प्रवचन 266 ग
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गुरुदेव प्रवचन 266 घ
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S266, महर्षि मेंहीं pravachan/तीसरा तिल,शिव नेत्र या दिव्य चक्षु का रास्ता कौन बतावेगा S266, महर्षि मेंहीं pravachan/तीसरा तिल,शिव नेत्र या दिव्य चक्षु का रास्ता कौन बतावेगा Reviewed by सत्संग ध्यान on 11/13/2018 Rating: 5

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