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S04, (ख) Description of difference and specialty in devotion of nirgun saguna devotees। --महर्षि मेंहीं अमृतवाणी

महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर / 04

प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" भाग 1 का प्रवचन नंबर 04 अध्यात्मिक ज्ञान की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। 

इसमें बताया गया है कि भक्ति मार्ग क्या है?; ईश्वर भक्त ज्ञानमार्गी की विशेषता,निर्गुण धारा ज्ञानमार्गी,भक्ति मार्ग ज्ञान मार्ग,भक्ति का मार्ग,भक्ति के भेद,निर्गुण और सगुण भक्ति, निर्गुण और सगुण भक्ति धारा में अंतर स्पष्टीकरण,सगुण और निर्गुण क्या है,सगुण भक्ति धारा के कवि,सगुण निर्गुण, इत्यादि के बारे में। इन बातों की जानकारी  के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नों के भी कुछ-न-कुछ समाधान पायेंगे। जैसे कि- ज्ञानमार्गी की विशेषता,निर्गुण धारा ज्ञानमार्गी,प्रेमाश्रयी शाखा की विशेषता,भक्ति मार्ग ज्ञान मार्ग,भक्ति का मार्ग,भक्ति मार्ग क्या है,भक्ति के भेद,निर्गुण और सगुण भक्ति, निर्गुण और सगुण भक्ति धारा में अंतर स्पष्टीकरण,सगुण और निर्गुण क्या है,सगुण भक्ति धारा के कवि,सगुण निर्गुण,भक्ति का वीडियो दीजिए,भक्ति भजन,भक्ति वीडियो,  आदि बातें। इन बातों को जानने के पहले, आइए !  संत सदगुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज का दर्शन करें।  

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अध्यात्मिक ज्ञान का सार क्या है? इसे समझाते हुए सद्गुरु महर्षि मेंही।
भक्ति के भेद विषय पर बोलते हुए गुरुदेव

Description of difference and specialty in devotion of nirgun saguna devotees

सदगुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज कहते हैं कि- ज्ञानमार्गी और भक्तिमार्गी कौन है? संत लोग निर्गुण और सगुण दोनों की उपासना करते हैं। भक्ति की शुरुआत सगुण भक्ति से होती है और निर्गुण पर उसकी समाप्ति है। भक्ति से प्राप्त होने वाले सुख का नमूना। संतमत में सगुण भक्ति क्या है?  पूरी जानकारी के लिए इस प्रवचन को पूरा पढें-



S04, Description of difference and specialty in devotion of nirgun saguna devotees।  --महर्षि मेंहीं अमृतवाणी। भक्ति का भेद प्रवचन चित्र एक
भक्ति का भेद प्रवचन चित्र 1

S04, Description of difference and specialty in devotion of nirgun saguna devotees।  --महर्षि मेंहीं अमृतवाणी। भक्ति का भेद प्रवचन चित्र दो
भक्ति का भेद प्रवचन चित्र दो

S04, Description of difference and specialty in devotion of nirgun saguna devotees।  --महर्षि मेंहीं अमृतवाणी। भक्ति का भेद प्रवचन चित्र समाप्त
भक्ति का भेद प्रवचन चित्र समाप्त


इस प्रवचन के बाद वाले प्रवचन नं S05, को पढ़ने के लिए।     यहां दबाएं 


प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के इस प्रवचन का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि भक्ति की शुरुआत सगुण भक्ति से होती है और निर्गुण पर उसकी समाप्ति है। भक्ति से प्राप्त होने वाले सुख का नमूना। संतमत में सगुण भक्ति क्या है?  पूरी जानकारी इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। निम्न वीडियो में इस प्रवचन का पाठ किया गया है।




सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज के विविध विषयों पर विभिन्न स्थानों में दिए गए प्रवचनों का संग्रहनीय ग्रंथ महर्षि मेंहीं सत्संग-सुधा सागर
महर्षि मेंहीं सत्संग-सुधा सागर
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S04, (ख) Description of difference and specialty in devotion of nirgun saguna devotees। --महर्षि मेंहीं अमृतवाणी S04, (ख) Description of difference and specialty in devotion of nirgun saguna devotees।  --महर्षि मेंहीं अमृतवाणी Reviewed by सत्संग ध्यान on 8/24/2019 Rating: 5

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