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S80, कर्म क्या है, कर्म के प्रकार, कर्म का सिद्धांत और कर्मफल व्याख्या -महर्षि मेंहीं

प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर S80, इसमें  बताया गया है कि  कर्म क्या है, कर्म के प्रकार, कर्म का सिद्धांत और कर्मफल की पूरी व्याख्या- जैसे- कर्म क्या है?  कर्म किसे कहते हैं? कर्म का सिद्धांत क्या है?

प्रवचन चित्र
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प्रवचन चित्र दो
प्रवचन चित्र दो

प्रवचन समाप्त
प्रवचन समाप्त

     प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के इस प्रवचन का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि  कर्म क्या है, कर्म के प्रकार, कर्म का सिद्धांत और कर्मफल की पूरी व्याख्या- जैसे- कर्म क्या है । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का संका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी।


S80, कर्म क्या है, कर्म के प्रकार, कर्म का सिद्धांत और कर्मफल व्याख्या -महर्षि मेंहीं S80, कर्म क्या है, कर्म के प्रकार, कर्म का सिद्धांत और कर्मफल व्याख्या -महर्षि मेंहीं Reviewed by सत्संग ध्यान on 7/20/2018 Rating: 5

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